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Tuesday, January 09, 2018

भारत के टॉप 10 इंजीनियरिंग कॉलेज,Top 10 Engineering Colleges in India

भारत के टॉप 10 इंजीनियरिंग कॉलेज,Top 10 Engineering Colleges in India

HRD मिनिस्ट्री ने हाल ही में देश के सर्वश्रेष्ठ उच्च शिक्षा संस्थानों की पहली ऐनुअल रैंकिंग जारी की है। क्लिक करके देखिए कि देश के टॉप 10 इंजिनियरिंग कॉलेज कौन हैं...

1-IIT मद्रास

इस लिस्ट में टॉप 10 नंबरों पर IIT संस्थानों का कब्जा है। पहले नंबर पर 89.42 के स्कोर के साथ मद्रास का भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान है। यह 1959 में स्थापित किया गया था।


भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मद्रास चेन्नई, तमिलनाडु में स्थित एक सार्वजनिक इंजीनियरिंग संस्थान है और भारत के सबसे प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में से एक है। यह भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय महत्व के संस्थान के रूप में मान्यता प्राप्त है।

पता: सरदार पटेल रोड, सी.एल.आई. के सामने, द एडार कैंसर इंस्टीट्यूट, अदरर, चेन्नई, तमिलनाडु के पास 600036

निर्देशक: भास्कर राममूर्ति
फोन: 044 2257 8101

अध्यक्ष: पवन कुमार गोयनका


2-IIT बॉम्बे

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान बॉम्बे पवई, मुंबई, भारत में स्थित एक सार्वजनिक इंजीनियरिंग संस्थान है। यह भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान की दूसरी सबसे पुरानी संस्था है। आईआईटी बॉम्बे की स्थापना 1958 में हुई थी।

पता: मेन गेट रोड, पवई, मुंबई, महाराष्ट्र 400076

निर्देशक: देवंग विपिन खाखड़

फोन: 022 2572 2545

स्थापित: 1 9 58
87.67 स्कोर के साथ लिस्ट में दूसरे नंबर पर IIT बॉम्बे है। इसकी स्थापना 1958 में हुई थी।

3-IIT खड़गपुर

इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी खड़गपुर वेबसाइट्स डायरेक्शन खड़गपुर, भारत में सार्वजनिक विश्वविद्यालय

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान खड़गपुर 1 9 51 में भारत सरकार द्वारा स्थापित एक सार्वजनिक इंजीनियरिंग संस्थान है।

पता: खड़गपुर, पश्चिम बंगाल 721302

निर्देशक: पार्थ प्रतिम चक्रवर्ती

अध्यक्ष: संजीव गोयनका

स्थापित: 1 9 51

फोन: 03222 255 221

नंबर 3 पर है 1951 में स्थापित किया गया IIT खड़गपुर, जिसका स्कोर 83.91 है।

4-IIT दिल्ली

 इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी दिल्ली वेबसाईट डायरेक्शन नई दिल्ली, भारत में अनुसंधान संस्थान

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान दिल्ली हौज खास, दिल्ली, भारत में स्थित एक सार्वजनिक इंजीनियरिंग संस्थान है।

पता: विश्वकर्मा भवन, आईआईटी दिल्ली, शहीद जीत सिंह मार्ग, हौज खास, नई दिल्ली, दिल्ली 110016

निदेशक: वी। रामगोपाल राव

फोन: 075039 95903

स्थापित: 1 9 61

टॉप 10 में चौथा नंबर 82.03 स्कोर के साथ दिल्ली के IIT का है। इसकी स्थापना 1961 में हुई थी।

५-IIT कानपुर

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान कानपुर कानपुर, उत्तर प्रदेश में स्थित एक सार्वजनिक इंजीनियरिंग संस्थान है। यह प्रौद्योगिकी संस्थानों के संस्थान के तहत भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय महत्व का संस्थान घोषित किया गया था।

पता: कल्याणपुर, कानपुर, उत्तर प्रदेश 208016

निर्देशक: मइंद्रा अग्रवाल (ऑफग।)

अध्यक्ष: आर सी। भार्गव
81.07 स्कोर के साथ IIT कानपुर पांचवें नंबर पर है। इसकी स्थापना 1959 में हुई थी।

६-IIT रुड़की

 इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी रुड़की, पूर्वी रुड़की विश्वविद्यालय और थॉमसन कॉलेज ऑफ सिविल इंजीनियरिंग, एक सार्वजनिक इंजीनियरिंग विश्वविद्यालय है जो रुड़की, उत्तराखंड, भारत में स्थित है।

पता: रुड़की - हरिद्वार राजमार्ग, रुड़की, उत्तराखंड 247667

कैम्पस आकार: 148 हेक्टेयर

निर्देशक: अजित कश्मीर चतुर्वेदी

स्थापित: 1847

अध्यक्ष: अशोक मिश्रा


1847 में स्थापित हुआ IIT रुड़की 78.68 स्कोर के साथ नंबर 6 पर है

७-IIT हैदराबाद

इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टैक्नोलॉजी हैदराबाद एक सार्वजनिक इंजीनियरिंग और अनुसंधान संस्थान है जो संगरेड्डी जिले में स्थित है, तेलंगाना, भारत।
पता: आईआईटी मेन रोड, एनएच -65 के पास, संगारेड्डी, खांडी, तेलंगाना 502285
निर्देशक: यू.बी. देसाई

स्थापित: 2008

फोन: 040 2301 6033

अध्यक्ष: बी वी। मोहन रेड्डी

7वें नंबर पर 77.23 स्कोर के साथ हैदराबाद का IIT है, जिसकी स्थापना 8 साल पहले 2008 में हुई थी

८-IIT गांधीनगर

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान गांधीनगर एक सार्वजनिक इंजीनियरिंग संस्थान है जो गांधीनगर, गुजरात, भारत में स्थित है। इसे भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय महत्व का संस्थान घोषित किया गया है।

पता: पालज, गांधीनगर, गुजरात 382355

फोन: 070690 38216

स्थापित: 2008

निर्देशक: सुधीर के। जैन

अध्यक्ष: बलदेव राज

2008 में ही अहमदाबाद में स्थापित किया गया IIT गांधीनगर 75.21 स्कोर के साथ 8वें नंबर पर है।

९-IIT रोपड़

इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी रोपड़ या आईआईटी-आरपीआर एक इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी उच्च शिक्षा संस्थान है, जो पंजाब के रूपनगर में स्थित है।

पता: नंगल रोड, रुपन्नगर, पंजाब 140001

फोन: 0188 124 2186

स्थापित: 2008

निर्देशक: सरित कुमार दास

2009 में पंजाब के रूपनगर में स्थापित किया गया संस्थान IIT रोपड़ लिस्ट का सबसे नया संस्थान है और यह 9वें नंबर पर है। इसका स्कोर 74.89 है।

१०-IIT पटना

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान पटना, भारत में पटना में स्थित विज्ञान, इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में शिक्षा और अनुसंधान का एक स्वायत्त संस्थान है। यह भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय महत्व के संस्थान के रूप में मान्यता प्राप्त है।

पता: बिहता, पटना, बिहार 801103

निर्देशक: पुष्पक भट्टाचार्य

स्थापित: 2008

अध्यक्ष: अजय चौधरी

फोन: 0612 302 8067
देश का 10वां बेस्ट इंजिनियरिंग कॉलेज IIT पटना है, जिसकी स्थापना 2008 में हुई थी। इसका स्कोर 74.68 है

चाणक्य की जीवनी | Biography of Chanakya in Hindi


आचार्य चाणक्य का जन्म पाटलिपुत्र (अभी हम जिसे पटना कहते है ) के नजदीक कुसुमपुर गांव में एक निर्धन परिवार में हुआ था। उनका जनम एक ब्राह्मिण परिवार में हुआ था। उनके पिता का नाम चणक था जो स्वयं एक गुरु थे उन्होंने अपने पुत्र का नाम चाणक्य रख दिया। अपने उग्र और गूढ़ स्वभाव के कारण वे ‘कौटिल्य’ भी कहलाये. उनका एक नाम ‘विष्णुगुप्त’ भी था।

चाणक्य की आरंभिक शिक्षा गुरु चणक द्वारा ही दी गई। संस्कृत ज्ञान तथा वेद-पुराण आदि धार्मिक ग्रंथों का अध्ययन चाणक्य ने उन्हीं के निर्देशन में किया। चाणक्य मेधावी छात्र थे। गुरु उनकी शिक्षा ग्रहण करने की तीव्र क्षमता से अत्यंत प्रसन्न थे। उस काल में तक्षशिला एक विख्यात विश्व-विद्यालय था, जो सिंधु नदी के किनारे बसे नगर के रूप में था। विश्व विद्यालय में प्रख्यात विद्वान तथा विशेषज्ञ प्रोफेसरों के रूप में छात्रों को शिक्षा देते थे। तक्षशिला में शिक्षा ग्रहण करने के लिए दूर-दूर से राजकुमार, शाही परिवारों के पुत्र, ब्राह्मणों, विद्वानों, धनी लोगों तथा उच्च कुलों के बेटे आते थे। 14 वर्ष के अध्ययन के बाद 26 वर्ष की आयु में उन्होंने अपनी समाजशास्त्र, राजनीती और अर्थशास्त्र की शिक्षा पूर्ण की और नालंदा में उन्होंने शिक्षण कार्य भी किया।

ऐसा कहा जाता है कि एक बार मगध के राजदरबार में किसी कारण से उनका अपमान किया गया था, तभी उन्होंने नंद – वंश के विनाश का बीड़ा उठाया था. उन्होंने चन्द्रगुप्त मौर्य (Chandragupta Maurya) को राजगद्दी पर बैठा कर वास्तव में अपनी प्रतिज्ञा पूरी कर ली तथा नंद – वंश को मिटाकर मौर्य वंश की स्थापना की ! चाणक्य देश की अखण्डता के भी अभिलाषी थे, इसलिये उन्होंने चंद्रगुप्त व्दारा यूनानी आक्रमणकारियों को भारत से बाहर निकलवा दिया और नंद – वंश के अत्याचारों से पीड़ित प्रजा को भी मुक्ति दिलाई !


आचार्य चाणक्य भारतीय इतिहास के सर्वाधिक प्रखर कुटनीतिज्ञ माने जाते है ! उन्होंने ‘अर्थशास्त्र’ नामक पुस्तक में अपने राजनैतिक सिध्दांतों का प्रतिपादन किया है, जिनका महत्त्व आज भी स्वीकार किया जाता है ! कई विश्वविद्यालयों ने कौटिल्य (चाणक्य) के ‘अर्थशास्त्र’ को अपने पाठ्यक्रम में निर्धारित भी किया है ! महान मौर्य वंश की स्थापना का वास्तविक श्रेय अप्रतिम कूटनीतिज्ञ चाणक्य को ही जाता है! चाणक्य एक विव्दान, दूरदर्शी तथा दृढसंकल्पी व्यक्ति थे और अर्थशास्त्र, राजनीति और कूटनीति के आचार्य थे !

चाणक्य का नाम राजनीती, राष्ट्रभक्ति एवं जन कार्यों के लिए इतिहास में सदैव अमर रहेगा. बच्चों को सूझबूझ सिखाने व नैतिक शिक्षा देने के लिए पंचतंत्र की रचना की जो आगे जाकर विश्व साहित्य की अमूल्य धरोहर बन गया व संसार के हर बच्चे का मार्गदर्शन करने लगा।

ऐसे प्रतिभाशाली थे चाणक्य। उनकी जीवन कथा स्वयं एक शिक्षाप्रद क्रमिक विकास की कहानी है। जिसे पढ़ना हर भारतीय का गौरव है। लगभग 2300 वर्ष बीत जाने पर भी उनकी गौरवगाथा धूमिल नहीं हुई है. चाणक्य भारत के इतिहास के एक अत्यन्त सबल और अदभुत व्यक्तित्व हैं. उनकी कूटनीति को आधार बनाकर संस्कृत में एक अत्यन्त प्रसिध्द ‘मुद्राराक्षस’ नामक नाटक भी लिखा गया है। बच्चों को सूझबूझ सिखाने व नैतिक शिक्षा देने के लिए पंचतंत्र की रचना की जो आगे जाकर विश्व साहित्य की अमूल्य धरोहर बन गया व संसार के हर बच्चे का मार्गदर्शन करने लगा।

चाणक्य का निरादर और प्रतिशोध की शपथ
चाणक्य एक बार राजा से मिलने पाटलीपुत्र आये | वो देशहित के लिए धनानन्द को प्रेरित करने आये थे ताकि वो छोटे छोटे राज्यों में बंटे देश को आपसी वैर भावना भूलकर एकसूत्र में पिरो सके | लेकिन धनानन्द ने चाणक्य के प्रस्ताव को ठुकरा दिया और उन्हें अपमानित क्र दरबार से निकाल दिया | इससे चाणक्य के स्वाभिमान को गहरी चोट पहुची और वो बहुत क्रोधित हुए | अपने स्वाभाव के अनुकूल उन्होंने अपनी चोटी खोलकर दृढ़ संकल्प किया की जब तक वो धनानंद का समूल विनाश नही कर देंगे तब तक अपनी चोटी को गाँठ नही लगायेंगे |

जब धनानन्द को चाणक्य के इस संकल्प का पता चला तो उसने क्रोधित होकर चाणक्य को बंदी बनाने का आदेश दे दिया | लेकिन जब तक चाणक्य को बंदी बनाया जाता , तब तक वो वहा से निक्ल चुके थे | महल से बाहर आते ही उन्होंने सन्यासी का वेश धारण किया और पाटलीपुत्र में छिपकर रहने लगे |

चाणक्य Chanakya  की मृत्यु पर भी विवाद है एक किंवदंती के अनुसार चाणक्य सेवामुक्त होकर जंगल चले गये थे जहा पर उन्होंने भूखा रहकर अपने आप को मार दिया | एक दुसरे मत के अनुसार चाणक्य बिन्दुसार के एक मंत्री सुबंधु के षड्‍यंत्र के कारण मारे गये जिसने चाणक्य को बिन्दुसार की माँ की मौत का जिम्मेदार बताया| बिन्दुसार ने उनकी दाई से इस बात की पृष्टि भी करी और ये सुनकर भयभीत और नाराज हो गये थे |

जब चाणक्य Chanakya  को इस बात का पता चला कि राजा उससे नाराज है तो उन्होंने वन में जाकर भूख से अपने आप को मार दिया | बिन्दुसार को बाद में ये ज्ञात हुआ कि चाणक्य उनकी माँ की मौत के जिम्मेदार नही बल्कि ये दुर्घटनावश हो गया था लेकिन देर हो चुकी थी | चन्द्रगुप्त के पूछताछ पर सुबंधु ने उनको चाणक्य की हत्या की योजना बताई की वो चाणक्य को एक वीरान जगह पर बुलाकर जीवित जला देना चाहता था |

चाणक्य Chanakya को भारत का सबसे महान विचारक और कूटनीतिज्ञ माना जाता है | कई राष्ट्रवादी इतिहासकारों का मानना है कि चाणक्य भारतवर्ष में एकमात्र ऐसे इन्सान हुए जिन्होंने अखंड भारत का स्वप्न देखा और उसे पूरा किया | चाणक्य को दो पुस्तको अर्थशाष्त्र और चाणक्य निति Chanakya Niti का जनक माना जाता है | चाणक्य के सम्मान में दिल्ली की एक जगह का नाम चाणक्यपुरी रखा गया और इसके अलावा कई बड़े संस्थानों के नाम भी इनके नाम पर रखे गये |

Friday, December 29, 2017

क्या आप जानते है पृथ्वी की सबसे ठंडी जगह कौन सी है The Coolest Place in The Earth



साइबेरिया का ओयमयकों गांव, रूस व धरती की सबसे ठंडी जगह मानी जाती है. आप यकीन नहीं मानेंगे की ओयमयकों गांव का वर्ष 1933 में निम्नतम तापमान -67.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया था. ओयमयकों गांव कम आबादी वाला गांव है. इस गांव में लगभग 500 लोग ही रहते है. ये लोग खेती तथा पशुपालन पर ही निर्भर रहते है.
साइबेरिया का ओयमयकों गांव, रूस व धरती की सबसे ठंडी जगह मानी जाती है. आप यकीन नहीं मानेंगे की ओयमयकों गांव का वर्ष 1933 में निम्नतम तापमान -67.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया था. ओयमयकों गांव कम आबादी वाला गांव है. इस गांव में लगभग 500 लोग ही रहते है. ये लोग खेती तथा पशुपालन पर ही निर्भर रहते है

ओयमयकों गांव के लोगों को जीवन में कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है. -58 डिग्री सेल्सियस में आप नलों से पानी लेने के बारे में सोच भी नहीं सकते. यहाँ आप अगर पानी को हवा में उछालेंगे तो पानी हवा में बर्फ बन कर ही नीचे आएगा. ओयमयकों गांव में गाड़ी चलाने से पहले उसे हीट वाले गैराज में रखना पड़ता होता है.

याकूत्स्क में मौसम
आमतौर पर यहां 12 मई से 10 सितंबर तक गर्मी का मौसम रहता है। इस दौरान दिन में तापमान औसतन 12 डिग्री सेल्सियस होता है। 17 जुलाई यहां पर सबसे गर्म दिन रहता है। इस दिन अधिकतम तापमान 25 डिग्री होता है। वहीं, सर्दी का मौसम 18 नवंबर से शुरू होकर 1 मार्च तक रहता है। इस दौरान यहां का औसत तापमान -23 डिग्री सेल्सियस रहता है। 13 जनवरी सबसे ठंडा दिन होता है। इस दिन अधिकतम तापमान -36 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम -41 डिग्री सेल्सियस रहता है।
 यहां लोग सर्दियों में आइसक्रीम खाते हैं, क्योंकि यहां कोई फ्रीज नहीं है। किसी भी मौसम में यहां दूध जमा हुआ मिलता है जिसे लीटर नहीं मीटर से नापकर तोड़कर दिया जाता है। चाय बनाना है तो एक छोटा-सा टुकड़ा दूध का डालो। साफ पानी भी यहां टुकड़ों में सहेजकर रखा जाता है। नहाने का अलग और पीने का टुकड़ा अलग। पानी को यदि हवा में उछाला गया तो वह बर्फ के टुकड़े बनकर नीचे गिरेगा।

गायों को तलघर में रखा जाता है वह भी उनके थनों को एक विशेष कपड़े से ढांककर। सिर्फ 1 घंटे के लिए धूप हो तो बाहर निकाला जाता है। हां, यहां के घोड़ों ने जरूर अपने आपको तापमान के अनुसार ढाल लिया है। यहां ऐसी धारणा है कि मछली और मीट खाने वाले लोग ज्यादा जीते हैं।

यहां बच्चों, पानी और खून को जमने से बचाना बहुत ही मुश्किल काम है। यहां की मूल जाति विलुप्ति की ओर है, हां बाहर से कुछ लोग जरूर आकर बस गए हैं, जो गर्म बने रहने का तरीका सीख गए हैं जिनके कारण मूल जाति भी बची हुई है।

ग्लोबल वॉर्मिंग का अध्ययन करने वाले कहते हैं कि पिछले 5 से 7 वर्षों में अब यहां का तापमान भी बढ़ने लगा है। ग्लेशियरों के पिघलने की गति तेज होने के कारण अब यहां की नदी से आसानी से पानी लिया जा सकता है। हां, कुछ दुर्लभ मछलियों की प्रजातियों पर अब संकट गहराने लगा है, क्योंकि वे −32°C के तापमान में ही जिंदा रह सकती है।

दुनिया के सबसे ठंडा स्थान

  • Verkhoyansk, रूस-Verkhoyansk, Russia.
  • ओयमीकोन, रूस-Oymyakon, Russia.
  • अंतर्राष्ट्रीय फॉल्स, मिन-International Falls, Minn
  • याकुत्स्क, रूस-Yakutsk, Russia
  • नरक, नॉर्वे-Hell, Norway
  • बैरो, अलास्का-Barrow, Alaska
  • वोस्तोक स्टेशन, अंटार्कटिका-Vostok Station, Antarctica
  • उत्तर बर्फ, ग्रीनलैंड-North Ice, Greenland
  • Snag, Yukon, Canada-स्नैग, युकोन, कनाडा
  •  डेनाली, यूएसए-Denali, USA

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