Saturday, May 26, 2018

⚘☘ जय श्री राम ⚘☘



ख़ुशी जल्दी में थी रुकी नहीं,
ग़म फुरसत में थे - ठहर गए...!
"लोगों की नज़रों में फर्क अब भी नहीं है ....
पहले मुड़ कर देखते थे ....
अब देख कर मुड़ जाते हैं
आज परछाई से पूछ ही लिया
क्यों चलती हो , मेरे साथ
उसने भी हँसके कहा-
दूसरा कौन है तेरे साथ
⚘☘ जय श्री राम ⚘☘


हर हर महादेव


"🌹जिस तरह थोडी सी औषधि., भयंकर रोगों को शांत कर देती है...,
उसी तरह....ईश्वर की थोडी सी स्तुति....बहुत से कष्ट और  दुखों का नाश कर देती है..."
हर हर महादेव 

🕉💀🐍जय भोलेनाथ 🐂🌿📿

अनमोल वचन



एक  अजीब  सी  दौड़  है
                     ये  जिन्दगी.
        जीत  जाओ  तो  कई  अपने
               पीछे  छूट  जाते  हैं
             और  हार  जाओ  तो,
      अपने  ही  पीछे  छोड़  जाते  हैं

    🌹 🌹  🙏🍃🌹🍃🙏

Friday, May 25, 2018

स्वाइन फ्लू के घरेलू उपचार-Symptoms of Swine Flu in Hindi,Flu Symptoms,



स्वाइन फ्फ्लू से बचने के लिए सादा, गरम, ताज़ा और अच्छा खाना खाए। बाजार से लायी हुई सब्ज़िया कुनकुने गर्म पानी में धोकर इस्तेमाल करे ।

जानें: क्या है स्वाइन फ्लू और कैसे करें बचाव-Whats The Symptoms of Swine Flu

स्वाइन फ्लू नामक बीमारी तेजी से अपने पैर पसार रही है। हाल ही में, इस बीमारी ने भारत में भी दस्‍तक दे दी है। स्वाइन फ्लू का वायरस बहुत संक्रामक है। यह एक इनसान से दूसरे इनसान के बीच बहुत तेजी से फैलता है। इंफ्लूएंजा ए स्‍वाइन फ्लू वायरस के एक प्रकार ‘एच-1-एन-1‘ द्वारा संक्रमित व्‍यक्ति द्वारा दूसरे व्‍यक्ति को फैलता है। जो व्यक्ति शरीर से एकदम कमज़ोर और हमेशा बीमार रहता है उसे स्वाइन फ्लू जल्दी पकड़ता है।

स्वाइन फ्लू के लक्षण,Flu Symptoms

स्वाइन फ्लू में 100 डिग्री से ज्यादा का बुखार आना आम बात है। साथ ही सांस लेने में तकलीफ, नाक से पानी बहना, भूख न लगना, गले में जलन और दर्द, सिरदर्द, जोड़ों में सूजन, उल्टी और डायरिया भी हो सकता है। स्वाइन फ्लू से डरने या घबराने की जरूरत नहीं है। क्‍योंकि यह लाइलाज बीमारी नहीं है। थोड़ी सी एहतियात बरतकर इस बीमारी पर काबू पाया जा सकता है।

स्वाइन फ्लू से बचाव के घरेलू उपचार-Swine Flu Prevention Home Remedies in Hindi

फ्लू का असर शरीर पर कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता होने पर सबसे ज्‍यादा होता है। स्‍वाइन फ्लू से भी वैसे ही बचा जा सकता है जैसे हम साधारण फ्लू या सर्दी-जुकाम से बचते हैं। इसलिए इससे बचने और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए कुछ घरेलू उपाय आपके लिए कारगर साबित हो सकते हैं। आप डॉक्‍टर द्वारा बताये गई सावधानी अपनाने के साथ यहां दिये कुछ घरेलू उपायों को भी अपना सकते हैं।

Treatment Of Swine,

  • तुलसी-भारतीय घरों में तुलसी आसानी से उपलब्‍ध हो जाती है। तुलसी में मौजूद एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-वायरस दोनों प्रकार के तत्वों के कारण यह सबसे लाभकारी जड़ी-बूटी मानी जाती है। यह किसी की भी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ा सकती है। इसलिए ऐसा तो नहीं कहा जा सकता कि यह स्वाइन फ्लू को बिल्कुल ठीक कर देगी, लेकिन ‘एच1एन1’ वायरस से लड़ने में निश्चित रूप से सहायक हो सकती है। तुलसी से लाभ पाने का सबसे आसान तरीका है कि हर रोज इसकी पांच अच्छी तरह से धुली हुई पत्तियों का इस्तेमाल करें।
  • कपूर-स्‍वाइन फ्लू से बचाव के लिए कपूर का भी इस्तेमाल किया जा सकता है। कपूर को चुटकी भर या एक गोली लेकर 5 - 6 इलाइची के साथ पीस ले और रुमाल में रख ले और जब सांस में तकलीफ हो या सर्दी हो तो उसे सूंघते रहे।वयस्क चाहें तो कपूर की गोली को पानी के साथ इस्तेमाल कर सकते हैं, वहीं बच्चों को इसका पाउडर आलू अथवा केले के साथ मिलाकर देना चाहिए। ले‍किन कपूर के सेवन के बारे में इस बात का ध्‍यान रखें कि कपूर का रोज नहीं लेना चाहिए। महीने में एक या दो बार ही इसका इस्‍तेमाल पर्याप्त है।
  • गिलोय देश भर में बहुतायत में मिलने वाली एक दिव्‍य औषधि है। इसका काढ़ा बनाने के लिए इसकी एक फुट लंबी शाखा को लेकर तुलसी की पांच छह पत्तियों के साथ 10 से 15 मिनट तक उबालना चाहिए। ठंडा होने पर इसमें थोड़ी काली मिर्च, मिश्री, सेंधा नमक अथवा काला नमक मिलाएं। यह औषधि आपकी रोग प्रतिरोधक शक्ति को चमत्कारिक ढंग से बढ़ा देती है। साथ ही गिलोय हर तरह के बुखार में कारगर होता है। यदि यह पौधा आपको अपने आसपास नहीं मिलता है तो किसी आयुर्वेद की दुकान से भी आप इसे ले सकते हैं।
  • लहसुन भी मौजूद एंटी-वॉयरल गुण रोग प्रतिरोधक क्षमता में इजाफा करने में मदद करते है। इसके लिए आप लहसुन की दो कलियां रोज सुबह खाली पेट गुनगुने पानी के साथ लेना चाहिए। इससे रोग प्रतिरोधक शक्ति में इजाफा होता है।
  • एलोवेारा एक और ऐसी लोकप्रिय जड़ी-बूटी है जो आपके भीतर फ्लू से लड़ने की क्षमता बढ़ाती है। इसका इस्‍तेमाल दवाइयों तथा सौंदर्य प्रसाधनों में किया जाता है। इसके अलावा एलोवेरा व्यक्ति की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में भी मदद करता है। एलोवेरा जैल की एक चम्मच पानी के साथ इस्तेमाल करने से न सिर्फ त्वचा को खूबसूरत बनाया जा सकता है, बल्कि यह स्वाइन फ्लू के असर को कम करने में भी कारगर साबित होता है।
  • 6-विटामिन सी-आमतौर पर माना जाता है कि सर्दी से बचने का सबसे बेहतर तरीका विटामिन सी का इस्‍तेमाल है, जो कि स्वाइन फ्लू के लिए भी कारगर साबित होता है। इसलिए अपने आहार में विटामिन सी को शामिल करें। विटामिन सी सभी प्रकार के खट्टे फलों जैसे नींबू, आंवला, अंगूर, संतरा आदि में भरपूर मात्रा में पाया जाता है।
  • हल्‍दी-सालों से हल्दी का उपयोग सौन्दर्य प्रसाधन के अलावा सर्दी खांसी को दूर करने के लिए भी किया जाता रहा है। हल्दी में अनिवार्य तेल और हल्दी को रंग देने वाला पदार्थ करक्युमिन होता है। करक्युमिन में कई औषधीय गुण होते हैं। इसके अलावा हल्‍दी की सबसे बड़ा गुण यह है कि ऊंचे तापमान पर गर्म करने के बावजूद भी इसे औषधीय गुण नष्‍ट नहीं होते है। जानकारों के अनुसार गुनगुने दूध में हल्दी मिलाकर पीने से शरीर की प्रतिरोधक क्षमता में इजाफा होता है। और रोजाना एक गिलास दूध में थोड़ी सी पिसी हल्दी मिलाकर पीने से स्वाइन फ्लू का असर कम होने लगता है।

हार्ट अटैक से बचने के उपाय इन हिंदी,Heart Care in Hindi


 हार्ट अटैक से बचने के उपाय इन हिंदी

ऐसे में अचानक से आपके सीने में तेज दर्द होता है जो आपके हाथों से होता हुआ आपके जबड़ो तक पहुँच जाता है। आप अपने घर से सबसे नजदीक अस्पताल से 5 मील दूर है और दुर्भाग्यवश आपको ये नहीं समझ आ रहा की आप वहांतक पहुँच पाएंगे की नहीं। आप सीपीआर में प्रशिक्षित है मगर वहां भी आपको ये नहीं सिखाया गया की इसको खुद पर प्रयोग कैसे करे।

ऐसे में दिल के दौरे से बचने के लिए ये उपाय

चूँकि ज्यादातर लोग दिल के दौरे के वक्त अकेले होते है बिना किसी की मदद के उन्हें सांस लेने में तकलीफ होती है । वे बेहोश होने लगते है और उनके पास सिर्फ 10 सेकण्ड्स होते है ऐसे हालत में पीड़ित जोर जोर से खांस कर खुद को सामान्य रख सकता है। एक जोर की सांस लेनी चाहिए हर खांसी से पहले और खांसी इतनी तेज हो की छाती से थूक निकले।
जब तक मदद न आये ये प्रक्रिया दो सेकंड से दोहराई जाए ताकि धड्कण सामान्य हो जाए जोर की साँसे फेफड़ो में ऑक्सीजन पैदा करती है और जोर की खांसी की वजह से दिल सिकुड़ता है जिस से रक्त सञ्चालन नियमित रूप से चलता है ।

नियमित व्यायाम करें हार्ट अटैक से बचने का सबसे बेहतर तरीका हैकि आप रोजाना व्यायाम करें। आप कम से कम12मिनट तक शारीरिक कसरत करें। दिल को तंदुरुस्त रखने के लिए वॉक करना भी एक अच्छा व्यायाम है।

पूरी नींद लें हार्ट अटैक से बचने का मंत्र है -रोजाना 8 घंटे की नींद। दिल के लिए कई तरीके से यह फायदेमंद है। डाइबिटीज़ है तो ज्यादा सावधान रहें शुगर से पीड़ित लोग जानते हैं कि उनके लिए क्या अच्छा है और क्या नहीं। यदि आपको डाइबिटीज़ है तो दिल पर प्रभाव डालता है। यदि आपको अटैक आते रहते हैं तो आप ज्यादा सावधानी की आवश्यकता है।

मछली का सेवन करें-मछली ना केवल आँखों के लिए अच्छी है बल्कि कई तरह की दिल की बीमारियों को भी दूर करती है। सप्ताह में एक बार मछ्ली अवश्य सेवन करें।

एक कप चाय-पिये दिल में ज्यादा ब्लड पहुँचाने के लिए कॉफी के मुक़ाबले चाय ज्यादा बेहतर है। यह दिल को स्वस्थ रखती है। इसलिए रोज एक कप चाय जरूर पिये।

प्यार करना सीखें-हमेशा लोगों से प्यार करें ना कि नफरत। आपके दिल के लिए यह एक अच्छी नसीहत है।

ब्लड प्रेशर की जांच कराते रहें-यदि आप दिल को स्वस्थ रखना चाहते हैं तो समय-समय पर रक्त-चाप की जांच कराते रहें। हाई ब्लड प्रेशर से हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है।

क्या आप तनाव में हैं? हार्ट अटैक से बचने के लिए
तनाव से दूर रहें। यदि आपने अपने किसी प्रियजन को खो भी दिया है तो अपने दिल को इसके लिए तैयार करें और प्यार और शांति की तलाश करें।

पेशाब और शौच को ना दबाएँ-जब पेशाब और शौच का दबाव पड़ता है तो आपको जाना तो है ही पहले या बाद में। इसको दबाने से दिल पर प्रभाव पड़ता है और यह संक्रमण का कारण भी बनता है।

सही आहार लें-सही डाइट लेना बेहद जरूरी है। हार्ट अटैक से बचने के लिए संतुलित आहार लेना जरूरी है।

क्या आप मोटे तो नहीं
यदि आप मोटे हैं तो आपको हार्ट अटैक का खतरा है। ज्यादा वजन होने से हार्ट को ज्यादा रक्त और ज्यादा ऊर्जा पंप करनी पड़ती है जिससे आपने नाजुक दिल पर ज्यादा दबाव पड़ता है।

ऑयली या ज्यादा चिकनाई वाले खाने से बचें-जंक फूड में ज्यादा ऑयल होता है इसलिए ये हार्ट के लिए सही नहीं हैं। दिल के दौरे से बचने के लिए इस तरह के खाने से तौबा करें
धूम्रपान हानिकारक हैधूम्रपान आपके लिए नुकसानकारी है। स्मोकिंग से दिल और फेफड़ों पर विपरीत असर पड़ता है।

बच्चो के दिल में छेद की सर्जरी -निशुल्क -Children's Heart Surgery free in India

 Children's heart surgery free in india


बच्चो के दिल की सर्जरी निशुल्क कराने के लिए आप एसे गरीब बच्चों को तलाशकर आप भी पुण्य का लाभ लें| दिल में छेद है, तो ओपरेशन का खर्च लाखों रूपये होगा| गरीब कहाँ से लाये उनके बच्चे आपकी सहायता से अब जिंदगी पा सकते हें| 

धर्मार्थ संस्थायें, मंदिर, मस्जिद ट्रस्ट, और धर्म प्रचारक खरबों रूपये का चंदा जनता से प्राप्त करते हें, और उस चंदे का कितना सदुपयोग जनता के लिए होता है| यह किसी से छुपा हुआ नही है| वहीँ इनके बीच कुछ एसी संस्थाएं हमारे धर्म और उनके आचार्यों सन्तों के प्रति आस्था बनाये रखने में मददगार होती हैं, यही है जिससे सामान्य जन का धर्माचार्यों पर विश्वास और अटूट बनता जाता है|

श्री सत्य साईं बाबा जिनकी मृत्य कुछ वर्ष पूर्व (जन्म: 23 नवम्बर 1926 ; मृत्यु: 24 अप्रैल 2011) हुई थी, बाबा ने आध्यात्मिक उपदेशों के साथ ही सामाजिक क्षेत्र में भी अनेक सेवा कार्य किये। जिनकी शुरुआत पुट्टपर्थी में एक छोटे से अस्पताल के निर्माण के साथ हुई, जो अब 220 बिस्तर वाले सुपर स्पेशलिटी सत्य साई इंस्टीट्यूट ऑफ हायर मेडिकल साइंसेस का रूप ले चुका है। जहाँ निशुल्क लाखो लोग अपने हार्ट का ओपरेशन करा चुके हें|

इसी कड़ी में बच्चो के ह्रदय के ओपरेशन हतु लिए छत्तीसगढ़ जैसे पिछड़े और गरीबो आदिवासियों के राज्य में हॉस्पिटल खोला है|

इस अस्पताल में जैसा की समाचार में बताया है कोई केश काउंटर नहीं अथात पूर्ण निशुल्क है|
केवल आपरेशन ही निशुल्क नहीं, रोगी और एक सहायक अटेंडेंट के भोजन आदि का व्यय भी फ्री है|
अस्पताल के पी आर ओ श्री अजय सराफ का कहना है की यह सब कुछ सेवा के लिए है| हम प्रत्येक को घर जैसा वातावरण देतें हैं| अभी प्रति दिन तीन आपरेशन लिए जा रहे हें|
अभी तक यहाँ पिछले तीन वर्षों में लगभग ७७६ ओपरेशन कर बालको को नया जीवन दान दिया जा चूका है| यहाँ अभी कोई वेटिंग लिस्ट नही है|

आपकी जानकारी में एसे गरीब बच्चे हों तो आप उन्हें यहाँ जाकर ओपरेशन करें के लिए प्रेरित करे| ताकि अमूल्य जीवन बचाया जा सके|

Free Registration Time

यहाँ प्रति सोमवार से शुक्रवार तक प्रात: 9 बजे से 3 बजे तक रोगियों का पंजीयन (रजिस्ट्रेशन) होता है| मोब न. +91 9424207140 और फोन न- +91 771-2445800 पर संपर्क कर करवाया जा सकता है|

सत्य साईं संजीवनी हॉस्पिटल Raipur
Naya Raipur emerging as a major center for free treatment of heart patients

Shri Satya Sai Sanjeevani Hospital dedicated to serve humanity More than 3000 patients benefited

More than 300 free heart surgeries performed till date Caste-religion, nationality or financial status no bar for medical services and operations
One of its kind hospital with no billing counter

जहाँ कोई केश काउंटर नहीं-Where no cash counter

श्री सत्य साईं संजीवनी अस्पताल मानवता की सेवा के लिए समर्पित, अभी तक 3000 से अधिक रोगियों को लाभान्वित, 300 से अधिक मुक्त हृदय की सर्जरी आज तक संपन्न| जाति-धर्म, चिकित्सा सेवाओं और कार्यों के लिए राष्ट्रीयता या वित्तीय स्थिति कोई बंधन नहीं|

कोई बिलिंग काउंटर के साथ अपनी तरह अस्पताल में से एक छत्तीसगढ़ के नया रायपुर मुफ्त चिकित्सा उपचार और जन्मजात हृदय रोगियों की नि: शुल्क हार्ट सर्जरी के लिए देश के मानचित्र पर एक तेजी से उभरती केंद्र बन गया है। सामाजिक कल्याण संगठन जाति, धर्म, राष्ट्रीयता, राज्य और वित्तीय स्थिति की सीमाओं से परे हृदय रोगियों को नि: शुल्क चिकित्सा उपचार और आपरेशन की सुविधा उपलब्ध कराने के द्वारा मानवता की सेवा है, नया रायपुर में स्थित है, सत्य साईं संजीवनी हॉस्पिटल नाम दिया है।
अस्पताल इन सभी सेवाओं और नि: शुल्क सुविधाएं प्रदान करता है के रूप में, यह अपने परिसर में कोई बिलिंग काउंटर है। अस्पताल के द्वारा मुफ्त भोजन और रोगियों के लिए आवास और उनके स्वजन में से एक को प्रदान करता है। 0-35 साल के आयु समूह के जन्मजात हृदय रोगियों की महत्वपूर्ण हार्ट सर्जरी की निशुल्क है|अस्पताल भी बच्चो को चिकित्सा हृदय शल्य चिकित्सा की सुविधा आवश्यक दवाएं सहित प्रदान करता है

25 बिस्तरों की क्षमता के साथ इस अस्पताल सेक्टर -2 में शहीद वीर नारायण सिंह अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम (गांव Parasda) के पास स्थित है।


सत्य साईं बाबा के 86 वें जन्म दिवस के अवसर पर 23 नवंबर, 2011 पर नया रायपुर में इस अस्पताल की नींव रखी थी और हृदय शल्य चिकित्सा की सुविधा 29 से अस्पताल में दिसम्बर 2012 'Sabke Liye प्रेम Aur sabke Liye सेवा' (सार्वभौमिक सेवा और हर किसी के लिए प्यार) शुरू कर दिया है श्री सत्य साईं बाबा, इस समाज कल्याण संगठन के संस्थापक का आदर्श वाक्य है। इस संगठन के डॉक्टरों और कर्मचारियों को अपने जीवन में इस आदर्श वाक्य को अपनाया है।

हॉस्पिटल में दो बाल चिकित्सा हृदय रोग विशेषज्ञों, एक कार्डियक एनेस्थीसिया विशेषज्ञ और चौबीसों घंटे मरीजों के लिए उपलब्ध रहते हैं, जो आदि नर्सों, पैरामेडिकल स्टाफ, सहित लगभग 100 कर्मचारियों के साथ दो बाल रोग विशेषज्ञों की है। अब तक इस अस्पताल से लाभान्वित रोगियों की कुल संख्या में से, रोगियों की अधिकतम संख्या 2231 छत्तीसगढ़ से ही था अर्थात्। 153 नि: शुल्क हृदय शल्य चिकित्सा से लाभान्वित हुए थे जबकि 2078 रोगियों, ओपीडी सेवाओं का लाभ उठाया था। 

अस्पताल की वजह से अपनी सेवाओं की गुणवत्ता में इस तरह के कम समय में इस तरह की लोकप्रियता प्राप्त की। इतना ही नहीं छत्तीसगढ़ लेकिन हृदय उपचार के लिए इस अस्पताल में आने वाले पड़ोसी राज्यों, पूर्वोत्तर राज्यों और भी शुरू कर दिया है कि देश के अन्य भागों से रोगियों से। अन्य देशों से मरीजों को भी पेशकश की सेवाओं का लाभ उठाने के लिए यहां पहुंच रहे हैं। 

आज तक, ओडिशा, 240 से हरियाणा से मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल से 222, बिहार से 83, झारखंड से 73, महाराष्ट्र से 61, उत्तर प्रदेश से 58, असम से 11, पंजाब से 8, राजस्थान से 5, 5 से 285 रोगियों , प्रत्येक जम्मू-कश्मीर (लद्दाख), त्रिपुरा, मेघालय और कर्नाटक से आंध्र प्रदेश से दो, और एक ओपीडी के लिए पंजीकृत अस्पताल का दौरा किया और नि: शुल्क चिकित्सा जांच का लाभ उठाया। इसके अलावा, प्रत्येक मेघालय, त्रिपुरा, हरियाणा से पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश से 21, बिहार से 17, झारखंड से 16, उत्तर प्रदेश से 15, महाराष्ट्र से 8, असम से चार, एक से ओडिशा, 42 से 49 मरीजों की नि: शुल्क हार्ट सर्जरी और सर्जरी की जरूरत होने की पहचान की गई है

जो झारखंड, किया गया है। इसके अलावा, श्री सत्य साईं संजीवनी अस्पताल के लिए आया था, जो बांग्लादेश से एक से तीन बाहर मरीजों को नि: शुल्क हृदय शल्य चिकित्सा का लाभ उठाया। नेपाल से दो मरीजों को भी यहां नि: शुल्क चिकित्सा जांच से गुजरा है, और उनमें से एक नि: शुल्क हृदय शल्य चिकित्सा का लाभ उठाया था। नाइजीरिया से एक मरीज भी अस्पताल में मुफ्त ओपीडी सेवाओं का लाभ उठाया है।




श्री सत्य साईं संजीवनी अस्पताल के अधिकारियों ने बताया कि रोगियों को आवश्यक जांच के बाद विशेषज्ञ चिकित्सा सलाह प्रदान की जाती हैं कि सूचित किया। बच्चों के अलावा, सभी आयु वर्ग के जन्मजात हृदय रोगियों यहां नि: शुल्क चिकित्सा उपचार प्रदान की जाती हैं। भविष्य में, श्री सत्य साईं न्यास 200 बिस्तरों वाले इस अस्पताल की क्षमता का विस्तार करने की योजना बनाई है। 

एक उद्देश्य के हृदय की समस्याओं से पीड़ित बच्चों के लिए घरेलू माहौल प्रदान करने के साथ, अस्पताल के रोगियों के माता-पिता और परिवार के सदस्यों को मुफ्त आवास और भोजन की सुविधा प्रदान की जाती हैं, जहां 'मेट्रा छाया' अनुभाग है।

अस्पताल की सेवाओं का लाभ उठाने में रुचि मरीजों को अधिक जानकारी के लिए
टेलीफोन नंबर 0771-2445800 और मोबाइल नंबर 94242-07140 पर संपर्क करें,
या आधिकारिक वेबसाइट पर लॉग इन कर सकते हैं www.srisathyasaisanjeevani.org

For all your inquiries Please Contact HOSPITAL Address- +91 – 771 – 2970325 / +91 – 94242 – 07140 

SRI SATHYA SAI SANJEEVANI HOSPITALSector 2, Naya Raipur, 

Chhattisgarh, INDIA.Email: sanjeevani.report@gmail.comContact:

यहाँ अभी कोई वेटिंग लिस्ट नही है आपकी जानकारी में एसे गरीब बच्चे हों तो आप उन्हें यहाँ जाकर ओपरेशन करें के लिए प्रेरित करे| ताकि अमूल्य जीवन बचाया जा सके

यहाँ प्रति सोमवार से शुक्रवार तक प्रात: 9 बजे से 3 बजे तक रोगियों का पंजीयन (रजिस्ट्रेशन) होता है| यह मोब न. -09424207140 और फोन न. / 0771-2445800
पर संपर्क कर करवाया जा सकता है

Raipur : Naya Raipur emerging as a major centre for free treatment of heart patients

Shri Satya Sai Sanjeevani Hospital dedicated to serve humanity
More than 3000 patients benefited

More than 300 free heart surgeries performed till date
Caste-religion, nationality or financial status no bar for medical services and operations

One of its kind hospital with no billing counter 


दोस्तों इस खबर को जरूर शेयर करे जिससे गरीब बच्चों के स्वास्थ्य को फायदा मिल सके.बच्चो के दिल की सर्जरी निशुल्क कराने के लिए आप एसे गरीब बच्चों को तलाशकर आप भी पुण्य का काम  करे धन्यवाद .
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Thursday, March 08, 2018

कामेच्छा बढाने के भोजन पदार्थ-Best food to increase your...



वियाग्रा आज की सर्वाधिक प्रचलित सेक्सुअल पावर बढाने वाली दवा है लेकिन इससे होने वाले दुष्परिणाम भी बहुत ज्यादा हैं इसलिए यहाँ ऐसे भोजन पदार्थो का जिक्र करेंगे जो वियाग्रा की तरह असर पैदा कर कामेच्छा बढाने में मदद करते है और किसी तरह का कोई नुक्सान भी नहीं होता है सेक्स क्षमता को बढ़ाने के लिए कुछ प्रयोग ऐसे भी हैं जो सेक्स शक्ति को अधिक रुप से बढ़ाने के लिए बहुत ही उपयोगी सिद्ध हुए हैं।
  • किशमिश (Raisins)-किशमिश अच्छी तरह से कामेच्छा को बढ़ावा देने के लिए जाना जाता है। अर्गीनीने (अमीनो अम्ल का आधार) लंबे समय से शिथिलता और स्तंभन की तरह यौन समस्याओं के इलाज के लिए तक इस्तेमाल किया गया है। किशमिश ऊर्जा का एक बड़ा स्रोत हैं और बेहतर सेक्स के प्रदर्शन में मदद करता है।
  • अखरोट-मेवे के स्वास्थ्य की देखभाल के लिए महान हैं, वे खराब कोलेस्ट्रॉल को खत्म करने की वजह से, रक्त परिसंचरण में सुधार लाता है , लाल रक्त कोशिकाओं के उत्पादन को प्रोत्साहित करने और तनाव को कम करता है और अधिक से अधिक यौन शक्ति बढाता है
  • लहसुन-लहसुन में कामोत्तेजक गुण होते हैं| इससे शरीर में रक्त संचालन सुधरता है | सम्भोग से जुड़े अंगों में रक्त परिवहन बढ़ने से कामेच्छा में इजाफा होता है
  • अंडा-स्वस्थ होने के अलावा, उबले अंडे को बढ़ाने के लिए आदर्श होते हैं यौन भूख.और इस संघटक विटामिन B5 और बी -6 में समृद्ध है, दो पदार्थों संतुलन हार्मोन का स्तर और हमें तनाव कम करने के लिए आराम करने के लिए मदद .
  • भिन्डी-भिन्डी में विटामिन्स और जिंक की मात्रा होती है | जिंक की कमी से सेक्स सम्बन्धी समस्याएँ सामने आती हैं| अत:: भिन्डी का सेवन लाभकारी होता है| भिन्डी के उपयोग से सेक्सपरफार्मेंस सुधारा जा सकता है|
  • चुकंदर-चुकंदर में नाइट्रेट होता है जो उत्पादक अंगों में खून का बहाव ठीक करता है| यह ब्लड वेसल्स को फैलाता है| यह शरीर के हारमोंन को भी संतुलित रखने में सहायक है| अत: कामेच्छा में बढ़ोतरी देखी जाती है|
  • टमाटर-टमाटर में लायकोपिन तत्व होता है जो टमाटर को लाल रंग देता है| यह तत्व कामेच्छा में वृद्धि करता है| यह पुरुषत्व की कमी में भी उपयोगी है| टमाटर प्रोस्टेट केंसर से बचाव में सहायक है|
  • गाजर-गाजर में विटामिन ए की मात्रा अधिक होती है| इससे स्पर्म काऊँट में सुधार होता है| गाजर मर्दानगी घटाने वाले कारणों से निपटता है| एक शोध में बताया गया है कि गाजर खाने वाले पुरुष स्त्रियों के आकर्षण का केंद्र होते हैं| |
  • पालक सूप-एक कटोरी पालक सूप पीने से कामेच्छा बढ़ती है | यह सेक्स के अंगों के रक्त प्रवाह में सुधार लाती है|
  • प्याज-प्याज कामेच्छा बढाने में बेहद कारगर भोजन पदार्थ है| इसे नियमित खाना अच्छा रहता है| प्याज उत्पादक अंगों की सेहत सुधारता है|
  • केले-केले का प्रतिदिन सेवन करें। इसमें उपस्थित ब्रोमालिन एंजाइम कामेच्छा को बढानेमे मदद करता है। इसके अलावा केले में उपस्थित पोटााशियम और रिबोफल्विन जैसे अन्य तत्व यौन संबंधों के लिए जरूरी ताकत को बढाते है।
  • अंजीर-अंजीर को दैनिक भोजन में इस्तेमाल करें, इसमें उपस्थित अमीनो एसिड कामेच्छा के साथ साथ यौन शाक्ति को भी बढाता है।
  • बादाम-बादाम में उपस्थित वसा एसिड सेक्स के दौरान यौन उतेजना के बढाने में उपयोगी है।
  • मखंफलमें उपस्थित विटामिन बी 6 और पोटाशियम तथा asparagus (सूत्मुली,मूसली) में उपस्थित विटामिन ई हार्मोन का बढाते हैं 
  • अनार Pomegranate-अनार ऊर्जा के स्तर को बढ़ा देता है और आपको अपने साथी के साथ एक गर्म रात बिताने में मदद करता है। साइड इफेक्ट की किसी भी प्रकार की कोई संभावना नहीं है। अनार का रस पूरी तरह से एक वियाग्रा की तरह काम करता है, यह 100 प्रतिशत प्राकृतिक है। अनार के रस का एक गिलास आपको खुश अंतरंगता में मदद करता है और पूरी तरह से संतुष्टि देता है।
  • तरबूज Watermelon hai viagra wala khana-हाल ही के अध्ययनों के अनुसार तरबूज, पूरी तरह से वियाग्रा की तरह काम करते है, जो सबसे अच्छे फलो में से एक है। तरबूज में मोजूद साइट्रूलिन रक्त वाहिकाओं को आराम देता है इस रसायन से नाइट्रिक ऑक्साइड पैदा होती  और यह आपकी भावनाओं को बढ़ाता है और मजबूत निर्माण देता है जो की अपने यौन जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

Wednesday, March 07, 2018

चक्कर आने पर घरेलू उपचार,Home Remedies for Vertigo,(Chakkar Aana).



अगर आपको कभी भी चक्कर आने लगते हैं, सिर घूमने लगता है, या किसी किसी काम में मन नहीं लगता, कमजोरी महसूस होती है और नींद भी नहीं आती तो जरा सावधान हो जाईए.चक्कर आना या सिर घूमना या आंखों के सामने गोल गोल घूमती हुई दिखाई देने वाली स्थिती को चक्कर आना या(vertigo )कहते है ।
कुछ देर बैठे रहने के बाद जब उठते हैं तो चक्कर आने लगते हैं और आंखों के आगे अंधेरा छा जाता है। रोगी को लगता है कि उसके चारों तरफ़ की चीजें बडी तेजी से घूम रही हैं।चक्कर का एक कारण दिमाग में खून की पूर्ति कम हो जाना है। चक्कर आने के विस्तृत कारण हो सकते हैं 
जैसे--कान में संक्रमण होना,कान में मैल अधिक होने से डाट लग जाना,माईग्रेन, आंखों की समस्या,सिर की ताजा चोट,हृदय के रोग,अर्बुद,रक्ताल्पता, खून में कैल्शियम का स्तर बिगड जाना आदि।

चक्कर आना-तीन प्रकार का होता है

  • ऑब्जेक्टिव'-इसमें व्यक्ति को यह महसूस होता है कि सभी वस्तुएं घूम रही हैं।
  • सब्जेक्टिव'-इसमें व्यक्ति को यह आभास होता है कि वह स्वयं घूम रहा है।
  • स्यूडो वर्टाइगो'-इसमें व्यक्ति को सिर के अंदर घूमने का आभास होता है।

चक्कर आने का -लक्षण 

  • चक्कर आने की परेशानी यदि वास्तविक है तो भ्रम की स्थिति पैदा हो जाती है।
  • इसके अलावा निम्नलिखित लक्षणों में से कुछ अथवा सभी लक्षण महसूस हो सकते हैं-
  • मिचलाहट अथवा उल्टी
  • पसीना आना
  • आंखों में असामान्य गतिविधि
  • इन लक्षणों की अवधि मिनटों से घंटों तक हो सकती है। यह लक्षण स्थायी अथवा अस्थायी भी हो सकते हैं।
  • कान के अंदरूनी भाग में कोई इंफैक्शन या कान की कोई और बीमारी
  • थकावट, तनाव या बुखार के चलते भी अकसर चक्कर आ जाता है
  • ब्लड-शुगर कम होना भी चक्कर आने के कारणों में शामिल है
  • खून की कमी अथवा एनीमिया में भी चक्कर आ सकते हैं.
  • डीहाइड्रेशन--- जब कभी हमें दस्त एवं उलटियां परेशान करती हैं,तो शरीर में पानी की कमी को ही डीहाइड्रेशन कहते हैं.
  • सिर के ऊपर कोई चोट लगने से भी सिर घूमने लगता है
  • दिल की अथवा सरकुलेटरी सिस्टम की कोई बीमारी 
  • दिमाग में स्ट्रोक हो जाना

चक्कर आने पर घरेलू उपचार

  • तुलसी के २० पत्ते पीसकर शहद मिलाकर चाटने से चक्कर आने की समस्या काफ़ी हद तक नियंत्रण में आ जाती है। 
  • १० ग्राम गेहूं,५ ग्राम पोस्तदाना,७ नग बादाम,७नग कद्दू के बीज लेकर थोडे से पानी के साथ पीसकर इनका पेस्ट बनालें। अब कढाई में थोडा सा गाय का घी गरम करें और इसमें २-३ नग लोंग पीसकर डाल दें। अब बनाया हुआ पेस्ट इसमें डालकर एक मिनट आंच दें। इस मिश्रण को एक गिलास दूध में घोलकर पियें। चक्कर आने में असरदार स्वादिष्ट नुस्खा है।
  • चाय,काफ़ी और तली गली मसालेदार चीजों से परहेज करना आवश्यक है। इनके उपयोग से चक्कर आने की तकलीफ़ में इजाफ़ा होता है।
  • कभी-कभी नमक की मात्रा शरीर में कम होने पर भी चक्कर आने लगते हैं। आलू की नमकीन चिप्स खाने से लाभ होता देखा गया है।
  • जब चक्कर आने का हमला हुआ हो , बर्फ़ के समान ठंडा पानी ३ गिलास पीने से भी तुरंत राहत मिलती है।
  • चक्कर आने की तकलीफ़ में रोगी को आहिस्ता घूमना चाहिये। तेज चलने से गिरकर चोंट लगने की संभावना रहती है।आहिस्ता चलने से वर्टिगो का प्रभाव कम हो जाता है।
  • अचानक चक्कर आने पर सबसे बढिया बात यह है कि लेट जाएं। चित्त लेटना उचित नहीं है। साइड से लेटें और सिर के नीचे तकिया अवश्य लगाएं।
  • अनुलोम विलोम प्राणायाम से चक्कर आने की व्याधि से हमेशा के लिये छुटकारा मिल जाता है।
  • खरबूजे के बीज की गिरी गाय के घी में भुन लें। इसे पीसकर रख लें। ५ ग्राम की मात्रा में सुबह शाम लेने से चक्कर आने की समस्या से मुक्ति मिल जाती है।
  • १५ ग्राम मुनक्का देशी घी में भुनकर उस पर सैंधा नमक बुरककर सोते समय खाने से चक्कर आने का रोग मिट जाता है।
  • प्याज का रस और शुद्ध शहद बराबर मात्रा में मिलाकर रोज करीब दस ग्राम की मात्रा में लेने से उच्च रक्तचाप में लाभ मिलता है.
  • तरबूज के बीज की गिरि और खसखस इन दोनों को बराबर मात्रा में मिलाकर पीस लें. रोज सुबह-शाम एक चम्मच खाली पेट पानी के साथ सेवन करें. यह प्रयोग करीब एक महीने तक नियमित रूप से जारी रखें.
  • एक चम्मच मैथीदाना-चूर्ण रोजाना सुबह खाली पेट लेने से हाई ब्लडप्रेशर से बचा जा सकता है.
  •  खाना खाने के बाद दो कच्चे लहसुन की छिली हुई कलियां तीन-चार बीज निकले हुए मुनक्कों के साथ चबाएं, ऐसा करने से हाई ब्लड प्रेशर की शिकायत दूर होने के साथ पेट में रुकी हुई गैस भी पास होने लग जाती है.
  • सूखा आंवला पीस लें। दस ग्राम आंवला चूर्ण और १० ग्राम धनिया का पावडर एक गिलास पानी में डालकर रात को रख दें। सुबह अच्छी तरह मिलाकर छानकर पी जाएं। चक्कर आने में आशातीत लाभ होगा।
  • अदरक लगभग 20 ग्राम की मात्रा में बारीक काटकर पानी में उबालें आधा रह जाने पर छानकर पीयें। अदरक का रस भी इतना ही उपकारी है।सब्जी बनाने में भी अदरक का भरपूर उपयोग करें। चाय बनाने में अदरक का प्रयोग करें।अदरक किसी भी तरह खाएं चक्कर आने के रोग में आशातीत लाभकारी है।

अनार का जूस पीने के फायदे-Health Benefits of Pomegranate Juice In Hindi,

अनार का जूस पीने के फायदे-Health Benefits of Pomegranate Juice In Hindi,

Health Benefits of Pomegranate Juice In Hindi,

अनार का जूस रोज़ पीने से ये शरीर में PSA के स्तर को कम करता है और कैंसर से लड़ने वाली कोशिकाओं की मदद करता है| अनार शरीर में स्वस्थ खून को बनाए रखता है ये शरीर में आयरन भी पहूंचता है जिससे एनीमिया जैसी बीमारी नहीं होती| अनार दांतों में होने वाली बिमारियों से भी बचाता है| चिकित्सा अध्ययनों ने ये साबित क्या है कि अनार फेफड़ो के कैंसर को बढने से रोकता है 
  • अनार का जूस कम ब्लड प्रेशर वाले लोगो के लियें बहुत फायदा करता है| अनार का जूस पेट को मुलायम बनता है और इसको पीने से पेट ठीक रहता है
  • अनार का जूस आर्ट्रिस कि रक्षा करता है! ये आर्ट्रिस में पट्टिकाओं को बनने से रोकता है| ये शरीर में बेकार केलोस्ट्रोल को कम करता है और अच्छे केलोस्ट्रोल को बढ़ाता है
  • अनार में कई प्रकार के स्‍वास्‍यवर्धक गुण पाए जाते है, वजन घटाना इनमें से एक प्रमुख गुण है। अगर आप अपने बढ़ते वजन से परेशान हैं तो अनार का सेवन करें। अनार में कैलोरी भरपूर मात्रा में होती है। इसमें फैट नहीं होता परन्तु फाइबर, विटामिन-सी, पोटेशियम, मिनरल फास्फोरस तथा मैग्नीशियम बहुत अधिक मात्रा में मिलता है। अनार में मौंजूद ऐसे गुण शरीर के अतिरिक्‍त फैट को बर्न कर देते है और इसे छरहरा बनाते है।
  • गर्भवती महिला को अनार का जूस पीने से उसका बच्चा उसका स्वस्थ पैदा होता है उसके होने वाले बच्चे को कम वजन जैसी बीमारी का सामना नहीं करना पड़ता
  • कोलेस्ट्रॉल या दिल के रोगियों के लिए अनार रामबाण की तरह काम करता है। खून दो तरह से जमता हैं। पहला तो कटने या जलने की स्थिति में खून जमता है, जिससे खून का बहाव रुक जाता है। वहीं, दूसरे तरह का खून आंतरिक रूप से जमता है, जो बहुत ही खतरनाक होता है। मसलन हृदय या धमनी में खून जम जाने से इसका परिणाम घातक भी हो सकता है। अनार में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट गुण खून के लिए वही काम करता है, जो पेट के लिए थिनर करता है। यह शरीर में खून जमने या थक्का बनने से रोकता है।
  • अतिसार - अनार के रस के साथ सौंफ, धनिया और जीरा इनकी बराबर मात्रा में पीस कर इनका पूर्ण बनाकर सेवन करे । अथवा अनार के रस में पका हुआ केला मथकर इसका सेवन करें ।
  • शरीर में खून की कमी - एनीमिया शीघ्र दूर करने के लिए अनार का रस और मूली का रस समान मात्रा में मिलाकर पीएं । 3. कब्जीयत (कब्ज) - अनार के पत्तों को उबाल कर उसका काढ़ा पीने से कब्ज से पीछा छुड़ाया जा सकता है । अथवा अजवायन का चूर्ण फाॅंक कर फिर अनार का रस पीएं । तो कब्ज से मुक्ति मिलेगी ।
  • एसीडिटी ( अम्ल पित्त)- अनार रस और मूली का रस समान मात्रा में लेकर उसमें अजवायन, सैंधा नमक चुटकी भर मिलाकर सेवन करने से अम्ल पित्त बीमारी से छुटकारा पाया जा सकता है ।
  • तनाव - रोज एक गिलास अनार का जूस पीना शुरू कर दीजिए वर्क प्रेशर कम हो जाएगा । अनार कर जूस लेने से ब्लड प्रेशर सामान्य बना रहता है साथ ही यह स्टेरस हार्मोन भी व्यक्ति पर हावी नहीं होता है । शोधकर्ताओं का कहना है कि अगर आप तनाव से जूझ रहें हैं तो दो सप्ताह तक अनार का जूस रोज पिंए । तनाव दूर हो जाएगा
  • दमा / खांसी - दमा खांसी में जवाखार, कालीमिर्च, पीपल, अनारदाना, का चूर्ण गरम पानी से दिन में तीन बार लेने से दुःसाध्य खोसी मिट जाती है । बच्चों की खांसी अनार के छिलकों का चूर्ण आधा आधा छोटा चम्मच शहद के साथ सुबह शाम चटाने से मिट जाती है ।
  • गुर्दे की बीमारियां - अनार का रस गुर्दे से संबंधित बीमारियों से बचने का भी कारगर उपाय है । शोधकर्ताओं ने दावा किया है कि अनार के एंटी-आक्सीडेंट डायलिसिस के रोगियों के लिए लाभप्रद है
  • मोटापा दूर करने में - एक माह तक प्रतिदिन एक बड़ा गिलास अनार का जूस पीने से पेट, कमर, पीठ की चर्बी को कम किया जा सकता है ।
  • मधुमेह - मधुमेह के मरीजों को अनार खाने की सलाह दी जाती है इससे काॅरोनरी रोगों का खतरा कम होता है । 
  • अनार में भरपूर मात्रा में एण्टीआक्सीडेंट पाए जाते हैं। यह शरीर को तरोताजा व एनर्जी से भरपूर रखने के साथ ही बीमारियों से आपको बचाता है व आपकी स्किन को हमेशा यंग बनाए रखता है। गर्मियों में इसका जूस शरीर के लिए विशेष रूप से लाभकारी है। इरेक्टाइल डिसफंक्शन से बचाता है
  • अनार इलेक्टाइल डिसफंक्शन को सामान्य रूप से ही सुधारता है। हालांकि इस विषय को लेकर शोध कार्य जारी है, फिर भी इस फायदे के पक्ष में कई लोग हैं।
  • अन्य लाभ अनार जूस के इसके और भी कई लाभ हैं जैसे गरभवती महिला को अनार का जूस पीने से उसका बच्चा उसका स्वस्थ पैदा होता है उसके होने वाले बच्चे को कम वजन जैसी बीमारी का सामना नहीं करना पड़ता| इसका जूस अधिक उम्र के लोगो को होने वाली अल्ज्हेम्र नमक बीमारी को रोकता है| 
  • समस्याओं जैसे झुर्रियां पड़ना आदि का सामना नहीं करना पड़ता और चेहरा चमकता और जवान बना रहता है और ये बुढ़ापा भी जल्दी आने नहीं देता। इसका जूस पीने से शरीर की गर्मी भी कम होती है| इस प्रकार इसके लाभ बेशुमार और बहुत लाभदायक है|

कौन से रोग में कौन सा कैसा जूस पिया जाए-Health Benefits of Juices in Hindi

जूस का सेवन सेहत के लिहाज से बहुत फायेदमंद होता है, लेकिन क्‍या आपको पता है कौन सा जूस कब पीना चाहिए, अगर नही तो यह लेख आपके लिए बहुत उपयोगी साबित होगा रोगो के हिसाब से जूस का सेवन कब और कैसे करना चाहिए जूस में भरपूर मात्रा में विटामिन, कैल्सियम, मिनरल और फाइबर होता है जो शरीर को ऊर्जा प्रदान करता है साथ ही कई रोगों से भी बचाता है। आइये जानते है कौन  से रोग में कौन सा कैसा जूस पिया जाए जो सेहत के लिए लाभ दायक होगा

1-►गठियावात रोग के लिए जूस-

नीबू, खीरा, गाजर, पालक, चुकंदर का रस उपयोगी है

2-►मधुमेहरोग के लिए जूस-

गाजर, संतरा, पालक, मुसम्बी, अन्नानास, नीबू, का रस उपयोगी है 

3-►उच्च रक्तचापरोग के लिए जूस-

संतरा, अंगूर, गाजर चुकंदर, खीरा का रस उपयोगी है.

4-►सर्दी-जुकाम रोग के लिए जूस-

नीबू,संतरा,अनन्नास, गाजर,प्याज, पालक का रस उपयोगी है

4-►आँखों के लिए-

टमाटर, गाजर, पालक, खुबानी का रस उपयोगी है 

5-►मोटापे के लिए-

नीबू, संतरा, अनन्नास, टमाटर, पपीता, चुकंदर, गाजर, पालक, पत्तागोभी का रस उपयोगी है.

6-►अल्सर के लिए-

गाजर, पत्तागोभी, अंगूर, खुबानी का रस उपयोगी है

7-►टांसिल के लिए-

नीबू, संतरा, अनन्नास, गाजर, पालक, मूली, खुबानी का रस उपयोगी है

8-►सिरदर्द के लिए-

अंगूर, नीबू, गाजर, पालक का रस उपयोगी है

9-►अनिद्राके लिए-

सेव, गाजर, अंगूर, नीबू कर रस उपयोगी है.

10-►रक्ताल्पता के लिए-

गाजर, पालक, काले अंगूर, चुकंदर, खुबानी का रस उपयोगी है.

11-►कब्जके लिए-

अंगूर, गाजर, चुकंदर, पपीता का रस उपयोगी है.

12-►बुखार के लिए-

संतरा, नीबू, मुसम्बी, गाजर, अनन्नास, प्याज, पालक, खुबानी का रस उपयोगी है

13-►पीलिया के लिए-

गन्ना, नीबू, गाजर,अंगूर,चुकंदर, खीर, मुली, पालक, नाशपाती का रस उपयोगी है 

Thursday, January 11, 2018

दांत के दर्द का प्राकृतिक उपचार, Home Remedies for Teeth Pain in Hindi,



प्राकृतिक उपचार दंत पीडा में लाभकारी होते हैं। सदियों से हमारे बडे-बूढे दांत के दर्द में घरेलू पदार्थों का उपयोग करते आये हैं। यहां हम ऐसे ही प्राकृतिक उपचारों की चर्चा कर रहे हैं। असल में दांतों से जुड़ी हर समस्या के पीछे हमारी गलत खानपान और रहन-सहन की आधुनिक जीवन शैली है। चाय-कॉफी जैसे बेहद गर्म पेय तथा कोलड्रिक्स दोनों ही दांतों की जड़ों को कमजोर और खोखला कर देते हैं। सात्विक, ताजा तथा प्राकृतिक खानपान और सफाई के प्रति जागरूकता ही हमें दातों की समस्या से स्थाई छुटकार दिला सके। 
दांतों में दर्द होना बहुत ही आम बात है, लेकिन यह दर्द असहनीय होता है। हम दांतों की बहुत सारी तकलीफों से बच सकते अगर हम उनका धयान रखें। दांतों के दर्द से निवारण के लिए आप नीचे दिए गए Gharelu Nuskhe अपना सकते हैं।

 दांत के दर्द का प्राकृतिक उपचार, Home Remedies for Teeth Pain in Hindi,

    • कच्चा प्याज दांत के दर्द के लिए सबसे प्रभावशाली Gharelu Upchar है। एक ताज़ा प्याज काट कर दांतों पर 3 मिनट के लिए रगड़े। इससे दांतों के दर्द में आराम मिलेगा।
    • हींग दांतों के दर्द के लिए बहुत लाभदायक Gharelu Nuskhe में से एक है। जब भी दांत में दर्द हो तो हींग को मौसमी के रस में मिलाये और फिर रुई में लेकर उस रुई को दर्द करने वाले दांत पर रख दीजिये, इससे आपको दर्द से तुरंत निजात मिलेगी।
    • मसूड़े पर काली मिर्च के पाउडर को रगड़े, इससे मसूड़े सुन्न हो जायेंगे और दर्द काम हो जायेगा। यह gharelu upchar दांतों के लिए बहुत लाभदायक है।
    • बर्फ के टुकड़े से मसूड़े की सिकाई करें।
    • 5gm लौंग, 3gm कपूर को बारीक पीस कर दत्तो पर मलने से आराम मिलेगा। लौंग का तेल दांतों में लाएं, लेकिन धयान रहे की तेल मसूड़ों पर न लगे क्योंकि मसूड़े पर लगाने से उन पर जलन होती है।
    • लहसुन की एक लौंग चबाना भी दांतों के दर्द के लिए बहुत प्रभावी है।जिस दांत में दर्द हो उसके पास एक लौंग रखें। इससे दांत के दर्द में आराम आएगा।जिस दांत में दर्द हो, Vicks को अपने चेहरे के उस भाग पर लगाएं और किसी रुमाल से धक लें। Vicks की ऊष्मा से आपका दांतों का दर्द खत्म हो जायेगा 
    • टमाटर का सेवन करें, इससे दांत स्वस्थ और साफ़ रहते हैं। दांतों के दर्द में नमकीन पानी से गरारे करना बहुत लाभदायक है। हल्दी और सरसों के तेल को मिला कर दांतों का मंजन करें। दांत में दर्द होने पर, मीठा न खाए क्योंकि मीठा खाने से बैक्टीरिया और जर्म्स और भी ज्यादा बढ़ते है।
    • कैल्शियम और प्रोटीन युक्त खाने का सेवन करें। ताज़े आम के पत्तों को चबाएं और थूक दें।
    • दो ग्राम हींग नींबू के रस में पीसकर पेस्ट जैसा बनाले। इस पेस्ट से दंत मंजन करते रहने से दंतशूल का निवारण होता है।१२। मेरा अनुभव है कि विटामिन सी ५०० एम.जी. दिन में दो बार और केल्सियम ५००एम.जी दिन में एक बार लेते रहने से दांत के कई रोग नियंत्रित होंगे और दांत भी मजबूत बनेंगे।
    • मुख्य बात ये है कि सुबह-शाम दांतों की स्वच्छता करते रहें। दांतों के बीच की जगह में अन्न कण फ़ंसे रह जाते हैं और उनमें जीवाणु पैदा होकर दंत विकार उत्पन्न करते हैं।
    • शकर का उपयोग हानिकारक है। इससे दांतो में जीवाणु पैदा होते हैं। मीठी वस्तुएं हानिकारक हैं। लेकिन कडवे,ख्ट्टे,कसेले स्वाद के पदार्थ दांतों के लिये हितकर होते है। नींबू,आंवला,टमाटर ,नारंगी का नियमित उपयोग लाभकारी है। इन फ़लों मे जीवाणुनाशक तत्व होते हैं। मसूढों से अत्यधिक मात्रा में खून जाता हो तो नींबू का ताजा रस पीना लाभकारी है। हरी सब्जियां,रसदार फ़ल भोजन में प्रचुरता से शामिल करें।
    • दांतों की केविटी में दंत चिकित्सक केमिकल मसाला भरकर इलाज करते हैं। सभी प्रकार के जतन करने पर भी दांत की पीडा शांत न हो तो दांत उखडवाना ही आखिरी उपाय है।
     दांतों में पस मुख्य रूप से मसूड़ों में जलन और टूटे हुए दांत के कारण होता है। दांतों में पस मुख्य रूप से एक प्रकार का संक्रमण होता है जो मसूड़ों और दांतों की जड़ों के बीच होता है तथा इसके कारण बहुत अधिक दर्द होता है। इसके कारण दांत के अंदर पस बन जाता है जिसके कारण दांत में दर्द होता है।

    जिस दांत में पस हो जाता है उसमें बैक्टीरिया प्रवेश कर जाता है और वही बढ़ता रहता है जिससे उन हड्डियों में संक्रमण हो जाता है जो दांतों को सहारा देती हैं। यदि समय पर इसका उपचार नहीं किया गया तो इसके कारण जीवन को खतरा हो सकता है।

      दालचीनी के स्वास्थ्य लाभ, Health Benefits of Dalchini Cinnamon in Hindi,

      दालचीनी का पौधा जितना छोटा है इसके गुण उतने ही बड़े हैं। दालचीनी की सूखी पत्तियां तथा छाल को मसालों के रूप में प्रयोग किया जाता है। इसकी छाल थोड़ी मोटी, चिकनी तथा हल्के भूरे रंग की होती है। दालचीनी मोटापा कम करने के साथ-साथ कई बीमारियों को भी दूर करता है। यह रक्तशोधक भी है। शहद तथा दालचीनी को मिलाकर दिल की बीमारियों, कोलेस्ट्रॉल, त्वचा रोग, सर्दी जुकाम, पेट की बीमारियों के लिए फायदेमंद है।

      Health Benefits of Dalchini

      • सर्दी जुकाम के लिए-सर्दी-जुकाम होने पर दालचीनी का प्रयोग करना चाहिए। एक चम्मच शहद में थोड़ा सा दालचीनी पाउडर मिलाकर सुबह-शाम लेने से खांसी-जुकाम में आराम मिलता है। हल्के गर्म पानी में एक चुटकी दालचीनी पाउडर तथा एक चुटकी पिसी काली मिर्च शहद में मिलाकर पीने से जुकाम तथा गले की खराश दूर होती है। इसके पाउडर को पानी के साथ मिलाकर पेस्ट बनाकर माथे पर लगाने से ठंडी हवा से होने वाले सिर दर्द में आराम मिलता है।
      • जोड़ों के दर्द के लिए-जोड़ो के दर्द को कम करने के लिए दालचीनी का प्रयोग कीजिए। हल्के गर्म पानी में दालचीनी पाउडर और थोड़े से शहद को मिलाकर शरीर में दर्द वाले अंग पर लगाकर हल्‍के हाथों से मालिश करने से फायदा होता है। एक कप हल्के गर्म पानी में एक चम्मच शहद और आधा चम्मच दालचीनी पाउडर मिलाकर पीने से भी जोड़ों के दर्द में राहत मिलती है।
      • त्वचा के रोगों में फायदेमंद-त्‍वचा की समस्‍या होने पर भी दालचीनी बहुत फायदेमंद है। त्वचा में खाज और खुजली होने पर दालचीनी पाउडर तथा शहद बराबर मात्रा में लेकर पेस्‍ट बना लें। इस पेस्‍ट को लगाने से त्‍वचा की यह समस्‍या दूर होती है। दालचीनी के पाउडर में थोड़ा सा नीबूं का रस मिलाकर चेहरे पर लगाने से कील मुंहासे दूर होते हैं।
      • पेट की समस्‍या-अपच जैसी पेट की समस्‍या होने पर दालचीनी का प्रयोग करने से आराम मिलता है। इसके अलावा दालचीनी के प्रयोग से उलटी तथा दस्त में आराम मिलता है। एक चम्मच शहद के साथ थोड़ा सा दालचीनी पाउडर मिलाकर लेने से पेट दर्द और एसिडिटी में आराम मिलता है तथा भोजन भी आसानी से पच जाता है और पेट की समस्‍या नहीं होती।
      • मोटापे के लिए-मोटे लोगों को भी दालचीनी का प्रयोग करना चाहिए। चाय में एक चम्मच दाल चीनी पाउडर मिलाकर एक गिलास जल में उबालें, फिर इसे उतारकर इसमें दो बड़े चम्मच शहद मिलाकर सुबह नाश्ते से लगभग आधा घंटा पहले पियें। ऐसा रात को सोने के पहले करें। नियमित ऐसा करने से शरीर की अनावश्यक चर्बी समाप्त होती है और अधिक केलोरी वाला भोजन लेने पर भी शरीर में चर्बी नहीं बढ़ती और वजन कम होता है।
      • दिल के मरीजों के लिए-शहद और दालचीनी के पाउडर का पेस्ट बनाकर रोटी के साथ खाने से धमनियों में कोलेस्‍टॉल जमा नहीं होगा और दिल के दौरे की संभावना को कम किया जा सकता है। जिन लोगों को पहले भी हार्ट अटैक दौरा पड़ चुका है वे अगर इस उपचार को करेंगे तो भविष्‍य में हार्ट अटैक की संभावना को कम कर सकेंगे।
      • बढ़ा हुआ कोलेस्‍ट्रॉल-बढ़े हुए कोलेस्‍ट्रॉल को कम करने के लिए दालचीनी का प्रयोग कीजिए। दालचीनी के दो बड़े चम्मच शहद और तीन चम्मच दालचीनी पावडर को हल्‍के गरम आधा लीटर पानी में मिलाकर लें। इससे सिर्फ 2 घंटे में खून का कोलेस्‍ट्रॉल का स्‍तर 10 प्रतिशत तक नीचे आ जाता है, और दिन में इसे तीन बार लेते रहने से बढ़ा हुआ कोलेस्‍ट्रॉल कम हो जाता है।
      • कैंसर में भी फायदेमंद-कैंसर जैसे घातक रोग के लिए भी दालचीनी फायदेमंद है। जापान और आस्ट्रेलिया के वैज्ञानिकों ने आमाषय और बोन कैंसर की बढ़़ी हुई स्थिति को दालचीनी और शहद का उपयोग करके इसे पूरी तरह काबू किया जा सकता है। कैंसर के रोगियों को एक बड़ा चम्मच शहद और एक चम्मच दालचीनी के पावडर को गरम पानी के साथ एक महीने तक लेने से आराम मिलता है।
      • बहरापन दूर करें-शहद और दालचीनी पाउडर को बराबर मात्रा में मिलाकर एक-एक चम्‍मच सुबह और रात को लेने से सुनने की शक्ति बढ़ती है। कान से कम सुनाई देने की समस्‍या होने पर कान में दालचीनी के तेल की कुछ बूंदें डालने से आराम मिलता है।

      Tuesday, January 09, 2018

      भारत के टॉप 10 इंजीनियरिंग कॉलेज,Top 10 Engineering Colleges in India

      भारत के टॉप 10 इंजीनियरिंग कॉलेज,Top 10 Engineering Colleges in India

      HRD मिनिस्ट्री ने हाल ही में देश के सर्वश्रेष्ठ उच्च शिक्षा संस्थानों की पहली ऐनुअल रैंकिंग जारी की है। क्लिक करके देखिए कि देश के टॉप 10 इंजिनियरिंग कॉलेज कौन हैं...

      1-IIT मद्रास

      इस लिस्ट में टॉप 10 नंबरों पर IIT संस्थानों का कब्जा है। पहले नंबर पर 89.42 के स्कोर के साथ मद्रास का भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान है। यह 1959 में स्थापित किया गया था।


      भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मद्रास चेन्नई, तमिलनाडु में स्थित एक सार्वजनिक इंजीनियरिंग संस्थान है और भारत के सबसे प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में से एक है। यह भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय महत्व के संस्थान के रूप में मान्यता प्राप्त है।

      पता: सरदार पटेल रोड, सी.एल.आई. के सामने, द एडार कैंसर इंस्टीट्यूट, अदरर, चेन्नई, तमिलनाडु के पास 600036

      निर्देशक: भास्कर राममूर्ति
      फोन: 044 2257 8101

      अध्यक्ष: पवन कुमार गोयनका


      2-IIT बॉम्बे

      भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान बॉम्बे पवई, मुंबई, भारत में स्थित एक सार्वजनिक इंजीनियरिंग संस्थान है। यह भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान की दूसरी सबसे पुरानी संस्था है। आईआईटी बॉम्बे की स्थापना 1958 में हुई थी।

      पता: मेन गेट रोड, पवई, मुंबई, महाराष्ट्र 400076

      निर्देशक: देवंग विपिन खाखड़

      फोन: 022 2572 2545

      स्थापित: 1 9 58
      87.67 स्कोर के साथ लिस्ट में दूसरे नंबर पर IIT बॉम्बे है। इसकी स्थापना 1958 में हुई थी।

      3-IIT खड़गपुर

      इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी खड़गपुर वेबसाइट्स डायरेक्शन खड़गपुर, भारत में सार्वजनिक विश्वविद्यालय

      भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान खड़गपुर 1 9 51 में भारत सरकार द्वारा स्थापित एक सार्वजनिक इंजीनियरिंग संस्थान है।

      पता: खड़गपुर, पश्चिम बंगाल 721302

      निर्देशक: पार्थ प्रतिम चक्रवर्ती

      अध्यक्ष: संजीव गोयनका

      स्थापित: 1 9 51

      फोन: 03222 255 221

      नंबर 3 पर है 1951 में स्थापित किया गया IIT खड़गपुर, जिसका स्कोर 83.91 है।

      4-IIT दिल्ली

       इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी दिल्ली वेबसाईट डायरेक्शन नई दिल्ली, भारत में अनुसंधान संस्थान

      भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान दिल्ली हौज खास, दिल्ली, भारत में स्थित एक सार्वजनिक इंजीनियरिंग संस्थान है।

      पता: विश्वकर्मा भवन, आईआईटी दिल्ली, शहीद जीत सिंह मार्ग, हौज खास, नई दिल्ली, दिल्ली 110016

      निदेशक: वी। रामगोपाल राव

      फोन: 075039 95903

      स्थापित: 1 9 61

      टॉप 10 में चौथा नंबर 82.03 स्कोर के साथ दिल्ली के IIT का है। इसकी स्थापना 1961 में हुई थी।

      ५-IIT कानपुर

      भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान कानपुर कानपुर, उत्तर प्रदेश में स्थित एक सार्वजनिक इंजीनियरिंग संस्थान है। यह प्रौद्योगिकी संस्थानों के संस्थान के तहत भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय महत्व का संस्थान घोषित किया गया था।

      पता: कल्याणपुर, कानपुर, उत्तर प्रदेश 208016

      निर्देशक: मइंद्रा अग्रवाल (ऑफग।)

      अध्यक्ष: आर सी। भार्गव
      81.07 स्कोर के साथ IIT कानपुर पांचवें नंबर पर है। इसकी स्थापना 1959 में हुई थी।

      ६-IIT रुड़की

       इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी रुड़की, पूर्वी रुड़की विश्वविद्यालय और थॉमसन कॉलेज ऑफ सिविल इंजीनियरिंग, एक सार्वजनिक इंजीनियरिंग विश्वविद्यालय है जो रुड़की, उत्तराखंड, भारत में स्थित है।

      पता: रुड़की - हरिद्वार राजमार्ग, रुड़की, उत्तराखंड 247667

      कैम्पस आकार: 148 हेक्टेयर

      निर्देशक: अजित कश्मीर चतुर्वेदी

      स्थापित: 1847

      अध्यक्ष: अशोक मिश्रा


      1847 में स्थापित हुआ IIT रुड़की 78.68 स्कोर के साथ नंबर 6 पर है

      ७-IIT हैदराबाद

      इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टैक्नोलॉजी हैदराबाद एक सार्वजनिक इंजीनियरिंग और अनुसंधान संस्थान है जो संगरेड्डी जिले में स्थित है, तेलंगाना, भारत।
      पता: आईआईटी मेन रोड, एनएच -65 के पास, संगारेड्डी, खांडी, तेलंगाना 502285
      निर्देशक: यू.बी. देसाई

      स्थापित: 2008

      फोन: 040 2301 6033

      अध्यक्ष: बी वी। मोहन रेड्डी

      7वें नंबर पर 77.23 स्कोर के साथ हैदराबाद का IIT है, जिसकी स्थापना 8 साल पहले 2008 में हुई थी

      ८-IIT गांधीनगर

      भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान गांधीनगर एक सार्वजनिक इंजीनियरिंग संस्थान है जो गांधीनगर, गुजरात, भारत में स्थित है। इसे भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय महत्व का संस्थान घोषित किया गया है।

      पता: पालज, गांधीनगर, गुजरात 382355

      फोन: 070690 38216

      स्थापित: 2008

      निर्देशक: सुधीर के। जैन

      अध्यक्ष: बलदेव राज

      2008 में ही अहमदाबाद में स्थापित किया गया IIT गांधीनगर 75.21 स्कोर के साथ 8वें नंबर पर है।

      ९-IIT रोपड़

      इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी रोपड़ या आईआईटी-आरपीआर एक इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी उच्च शिक्षा संस्थान है, जो पंजाब के रूपनगर में स्थित है।

      पता: नंगल रोड, रुपन्नगर, पंजाब 140001

      फोन: 0188 124 2186

      स्थापित: 2008

      निर्देशक: सरित कुमार दास

      2009 में पंजाब के रूपनगर में स्थापित किया गया संस्थान IIT रोपड़ लिस्ट का सबसे नया संस्थान है और यह 9वें नंबर पर है। इसका स्कोर 74.89 है।

      १०-IIT पटना

      भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान पटना, भारत में पटना में स्थित विज्ञान, इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में शिक्षा और अनुसंधान का एक स्वायत्त संस्थान है। यह भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय महत्व के संस्थान के रूप में मान्यता प्राप्त है।

      पता: बिहता, पटना, बिहार 801103

      निर्देशक: पुष्पक भट्टाचार्य

      स्थापित: 2008

      अध्यक्ष: अजय चौधरी

      फोन: 0612 302 8067
      देश का 10वां बेस्ट इंजिनियरिंग कॉलेज IIT पटना है, जिसकी स्थापना 2008 में हुई थी। इसका स्कोर 74.68 है